Home Search Register Login

घर जमाई: आज से मैं रोटी
नहीं, चावल ही
खाऊंगा
.
सास: क्यो?
.
घर जमाई: मोहल्ले वालों के तानो से थक गया
हूँ कि मैं ससुराल में मुफ़्त की
रोटी तोड़ता हूँ

Read More...

Edit__Copy__